Wednesday, March 21, 2012

This is my video when i was anchor with Alpha Gujarati news channel between year 2000 - 2003


This is my news reading with Alpha Gujarati News bulletin.

Link --

http://www.youtube.com/watch?v=Auk6vK4zvtU

MY STORY ON BMC NOMINATION ON LAST DAY


The said story was aired on Star Majha News Channel( year - 2012).


link --

http://www.youtube.com/watch?v=JxVj8cyW-Tc

Tuesday, March 13, 2012

EMI and its impact - A casestudy

Mayur Parikh, ABP News Correspondent
In 2000, the EMI rate was 8.25 per cent. But it rose to 9.25 per cent in 2004. It took another leap in 2008 and reached to almost 10 per cent. The rate was again jumped to 10.5 per cent in 2009.
Kirti Virola took the loan of Rs 3 lakh. With EMIs going up, his monthly expenses were higher than his income. Therefore, he decided to repay the entire loan. Kirti now thinks that he cannot buy another flat as the EMI rates are reaching 12 per cent these days. He is terribly disappointed.

Friday, October 21, 2011

Friday, August 26, 2011

जो बोया वहीं पाया : द ग्रैट ब्रीटन का भूतकाल और आज...


फिलहाल इंग्लैंड की सरकार व्यस्त है. वो उन लोगो से निपट रही है जिन्होने इंगलैंड मे दंगे फैलाए, किए और इस अराजकता के दौर मे लूटपाट की. लेकिन सवाल यह है कि आखीर सरकार कितने इंग्लैडवासीओ को दंडित करेगी. जिस देश की बूनीयाद लूट पाट की कमाई पर खडी हो क्या वो देश अपनी जनता को अहींसा का बोध देने की हैसीयत रखती है.

इंग्लैंड वहीं देश है जिन्होने भारत समेत कई एशीयाई और अफ्रीकी देशो को शतको तक लूंटा और इस लूंट की कमाई से अपने देश को आगे बढ़ाया. क्या आप जानते है कि इंग्लैंड मे उद्योग धंदे क्यों विकसीत हुए? मैं आपको बताता हुं. विकास के लिए आपके उद्योगो को कई सालो तक लगातार और अविरत रुप से कच्चा माल मिलना जरुरी है. जहां तक मुजे ज्ञात है इंग्लैंड के पास न तो इतनी बडी मात्रा मे कच्चा माल कभी था और नाही कभी आयात करने की क्षमता थी. इंग्लैंड ने लूटपाट की - यह लूट पूरे विश्व मे मची.

उनके पदचिन्हो पर चलकर दुसरे युरोपिय देश भी लूट मचाने लगे. नतीजतन कई शतक तक कच्चा माल एशिया एवं अफ्रीका से युरोप जाता रहा और अंतत: वहां के व्यापारी और जनता धनीक हुई तो वैज्ञान और टैकनोलोजी का विकास हुआ. बस अब इसी टैकनोलोजी और जमापूंजी पर फिलहाल यह देश चल रहा है.
यानी कुल मिलाकर इस लूटैरे देश की जनता आखीर अपने मूल व्यवसाय यानी लूट-पाट पर उतर आई. समय बदल चुका है इसलिए दुसरे दोशो मे लूट न मचा सके तो अपने ही देश मे लूट मचा ली. इसे कहते है जो बोया वहीं पाया.

वैसे इन दंगो के दौरान इंग्रैंड के प्रधान मंत्री ने पंजाबी चैनल के कवरेज की तारीफ की और कहा कि इस चैनल ने दंगा रोकने के लिए अच्छे प्रयास किए. मै इंग्लैंड के प्रधान मंत्री से कहना चाहुंगा की वो भारतीयो द्वारा चलाया जा रहा चैनल है. लिहाजा अहिंसा की बात लाजमी थी. यह हमारी धरती द्वारा बोए गए संस्कार है और अब हमे उसका फल मिल रहा है.

जरुरी बात --

इंग्लैंड की रानी एलिजाबैथ के ताज मे जो कोहिनूर हीरा है वह भारत मे मचाई लूट का एक हिस्सा ही है.

Monday, April 4, 2011

છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું…( આ કવિતા બ્લોગ ના લેખક નું સર્જન નથી)

છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું…

ભલે ઝગડીએ, ક્રોધ કરીએ, એકબીજા પર તુટી પડીએ,
એકબીજા પર દાદાગીરી કરવા, છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું.

જે કહેવું હોય એ કહી લે, જે કરવું હોય એ કરી લે,
એકબીજાનાં ચોકઠાં(ડેન્ચર–ચશ્માં) શોધવા છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું.

હું રીસાઈશ તો તું મનાવજે, તું રીસાઈશ તો હું મનાવીશ,
એકબીજાને લાડ લડાવવા, છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું.

આંખો જયારે ઝાંખી થશે, યાદશક્તી પણ પાંખી થશે,
ત્યારે, એકબીજાને એકબીજામાં શોધવા, છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું.

ઘુંટણ જ્યારે દુઃખશે, કેડ પણ વળવાનું મુકશે,
ત્યારે એકબીજાના પગના નખ કાપવા, છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું.

‘મારા રીપોર્ટસ્ તદ્દન નોર્મલ છે, આઈ એમ ઓલરાઈટ’,
એમ કહીને, એકબીજાને છેતરવા, છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું.

સાથ જ્યારે છુટી જશે, વીદાયની ઘડી આવી જશે,
ત્યારે, એકબીજાને માફ કરવા, છેલ્લે તો આપણે બે જ હોઈશું.

उत्तर मुंबई की मलाड सीट पर एक रस्साकशी भरा जंग जारी है। इस सीट पर इस समय किसका पलड़ा भारी है? गुजराती मिडडे में छपा हुआ मेरा लेख।