Monday, June 26, 2017

पेड़ों के हत्यारे....

बारिश में पेड़ों की छटनी के नाम पर इन दिनों बीएमसी खुद ही तमाम पेड़ों का कत्लेआम कर रही है. यह तस्वीरें बोरीवली पश्चिम इलाके की है, जहां बड़े और घने पेड़ों को काट दिया गया हैं.
पेड़ों की टहनी काटने के नाम पर आधे पेड़ को काट दिया जाता है. कुछ एक जगह पर तो एक भी पत्ती या एक भी टहनी तक बाकि नहीं रखी है. सीधे सीधे पेड़ को काट दिया है.
एक ओर महाराष्ट्र सरकार करोड़ों रुपए के खर्च पर चार करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य रख कर बैठी है. वहीं दूसरी और बीएमसी पेड़ों को लगातार काटते जा रही है.
यह पेड़ इतने बुरे तरीके से काटे गए हैं कि तूफान आने पर यह एक ही झटके में धराशाई हो जाएंगे.

गलत ढंग से पेड़ की छटनी करने के मामले में हाल ही में बीएमसी ने अभिनेता ऋषि कपूर को दोषी पाया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया. लेकिन यहां तो बीएमसी खुद ही कानून का उल्लंघन कर रही है.

कहीं बीएमसी और लकड़ी के कारोबारियों के बीच यहां कोई सांठगांठ तो नहीं चल रही? बताइए इन पर कौन कार्यवाही करेगा?


Thursday, April 27, 2017

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Sachin Tendulkar Birthday Celebration 2017

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Friday, March 31, 2017

मुंबई में अधिकारियों का अवैध आशियाना : बिना इजाजत बना ली बिल्डिंग, लाखों बकाया

महाराष्ट्र के सरकारी बाबुओं की करतूतें देखकर आप कहेंगे की क्या यह वाकई सरकारी अफसर हैं या फिर गैरकानूनी काम करने वाला गिरोह. आरटीआई के जरिये पता चला है की कई आईएएस अफसरों ने सालों से अपने घर का किराया नहीं भरा है. कइयों ने तो अवैध तरीके से घर पर कब्जा भी कर रखा है.
आदर्श इमारत बनाई थी तब इस घोटाले पर काफी शोर मचा था
जब महाराष्ट्र के नेताओं ने आदर्श इमारत बनाई थी तब इस घोटाले पर काफी शोर मचा था. अब वाकोला इलाके की 12 मंजिला इमारत भी विवादों में आ गई है. क्योंकि इसे इजाजत है 2 मंजिल बनाने की लेकिन इस पर बनी हुई हैं पूरी 12 मंजिलें. आम तौर पर इस तरह के निर्माण को नगरपालिका एक दिन में तोड देती है. लेकिन, इस इमरात में सरकारी बाबुओं के फ्लैट्स हैं इसलिए इसका कोई बाल बांका नहीं कर सकता है.
फडनवीस के सचीव प्रवीण दराडे सहित 84 सरकारी बाबुओं के फ्लैट
इमारत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के सचीव प्रवीण दराडे सहित 84 सरकारी बाबुओं के फ्लैट है. इन सरकारी अफसरों ने एक सोसायटी बनाई और सरकार से प्लॉट लेकर बीना इजाजत के म्हाडा ने इमारत खड़ी कर दी. हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी अधिकारियों के लिए म्हाडा ने खुद इमारत बनाई. ऐसा म्हाडा के इतिहास में पहली बार हो रहा है.
अवैध तरीके से रहनेवाले अधिकारियों पर लाखों रुपये बकाया
यह तो हुई गैरकानूनी प्रॉपर्टी की बात. अब आपको दिखाते हैं महाराष्ट्र में रिटायर और तबादले के बाद भी सरकारी क्वार्टर में अवैध तरीके से रहनेवाले अधिकारियों पर किस तरह लाखों रुपये बकाया है. जिन अधिकारियों पर 91 लाख 48 हजार 503 रुपए का बकाया है, उनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, महाराष्ट्र राज्य औद्योगिक विकास मंडल के महाप्रबंधक राजेंद्र अहिवर, आईएएस कमलाकर फंड, पुलिस विजिलेंस कमिटी के सदस्य पी के जैन और सुधीर जोशी शामिल हैं.
कमलाकर फंड पर 24 लाख 15 हजार 496 रुपए बकाया है
आईएएस अधिकारी कमलाकर फंड पर 24 लाख 15 हजार 496 रुपए बकाया है जबकि महाराष्ट्र राज्य औद्योगिक विकास मंडल के महाप्रबंधक राजेंद्र अहिवर पर 5 लाख 96 हजार 260 रुपये, उप जिलाधिकारी धनाजी तोरस्कर पर 6 लख 04 हजार 400 रुपए, सुधीर जोशी पर 8 लाख 21 हजार 852, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अशोक कुमार शर्मा पर 4 लाख 97 हजार 335 और अशोक सोलनकर पर 2 लाख 14 हजार 847 रुपये बकाया है.
3 रिटायर्ड जजों में प्रकाश कुमार राहुले पर 6 लाख 93 हजार 085 रुपए बकाया
3 रिटायर्ड जजों में प्रकाश कुमार राहुले पर 6 लाख 93 हजार 085 रुपए, प्रकाश राठौड़ पर 7 वाख 96 हजार 375 रुपए, टी.एम. जहागीरदार पर 4 लाख 86 हजार 036 रुपए का बकाया है. रिटायर्ड आईएएस सुधीर खानापुरे पर 2 लाख 65 हजार 545 रुपए और प्रेमकुमार जैन पर 17 लाख 57 हजार 272 रुपये बकाया है.
अधिकारियों को घर खाली कराने के प्रयास क्यों नहीं किये गए ?
वित्त मंत्री ने साफ कर दिया है कि बकाया किसी को बख्शा नहीं जाएगा. सवाल उठता है कि जब सिर्फ दो मंजिल बनाने की इजाजत दी गई थी तब इमारत के 12 मंजिल बनने तक म्हाडा के बड़े अधिकारी कहां थे ? तबादले और रिटायर होने के बाद भी अधिकारियों को घर खाली कराने के प्रयास क्यों नहीं किये गए ?

उत्तर मुंबई की मलाड सीट पर एक रस्साकशी भरा जंग जारी है। इस सीट पर इस समय किसका पलड़ा भारी है? गुजराती मिडडे में छपा हुआ मेरा लेख।