Friday, August 26, 2011

जो बोया वहीं पाया : द ग्रैट ब्रीटन का भूतकाल और आज...


फिलहाल इंग्लैंड की सरकार व्यस्त है. वो उन लोगो से निपट रही है जिन्होने इंगलैंड मे दंगे फैलाए, किए और इस अराजकता के दौर मे लूटपाट की. लेकिन सवाल यह है कि आखीर सरकार कितने इंग्लैडवासीओ को दंडित करेगी. जिस देश की बूनीयाद लूट पाट की कमाई पर खडी हो क्या वो देश अपनी जनता को अहींसा का बोध देने की हैसीयत रखती है.

इंग्लैंड वहीं देश है जिन्होने भारत समेत कई एशीयाई और अफ्रीकी देशो को शतको तक लूंटा और इस लूंट की कमाई से अपने देश को आगे बढ़ाया. क्या आप जानते है कि इंग्लैंड मे उद्योग धंदे क्यों विकसीत हुए? मैं आपको बताता हुं. विकास के लिए आपके उद्योगो को कई सालो तक लगातार और अविरत रुप से कच्चा माल मिलना जरुरी है. जहां तक मुजे ज्ञात है इंग्लैंड के पास न तो इतनी बडी मात्रा मे कच्चा माल कभी था और नाही कभी आयात करने की क्षमता थी. इंग्लैंड ने लूटपाट की - यह लूट पूरे विश्व मे मची.

उनके पदचिन्हो पर चलकर दुसरे युरोपिय देश भी लूट मचाने लगे. नतीजतन कई शतक तक कच्चा माल एशिया एवं अफ्रीका से युरोप जाता रहा और अंतत: वहां के व्यापारी और जनता धनीक हुई तो वैज्ञान और टैकनोलोजी का विकास हुआ. बस अब इसी टैकनोलोजी और जमापूंजी पर फिलहाल यह देश चल रहा है.
यानी कुल मिलाकर इस लूटैरे देश की जनता आखीर अपने मूल व्यवसाय यानी लूट-पाट पर उतर आई. समय बदल चुका है इसलिए दुसरे दोशो मे लूट न मचा सके तो अपने ही देश मे लूट मचा ली. इसे कहते है जो बोया वहीं पाया.

वैसे इन दंगो के दौरान इंग्रैंड के प्रधान मंत्री ने पंजाबी चैनल के कवरेज की तारीफ की और कहा कि इस चैनल ने दंगा रोकने के लिए अच्छे प्रयास किए. मै इंग्लैंड के प्रधान मंत्री से कहना चाहुंगा की वो भारतीयो द्वारा चलाया जा रहा चैनल है. लिहाजा अहिंसा की बात लाजमी थी. यह हमारी धरती द्वारा बोए गए संस्कार है और अब हमे उसका फल मिल रहा है.

जरुरी बात --

इंग्लैंड की रानी एलिजाबैथ के ताज मे जो कोहिनूर हीरा है वह भारत मे मचाई लूट का एक हिस्सा ही है.

1 comment:

Sanjay Singh said...

wah kya baat hai mayur bhai..vakai me jo boya england ne vahio paya...

उत्तर मुंबई की मलाड सीट पर एक रस्साकशी भरा जंग जारी है। इस सीट पर इस समय किसका पलड़ा भारी है? गुजराती मिडडे में छपा हुआ मेरा लेख।